महंगी बिजली पर कांग्रेस का हल्ला बोल—ऊंट को जीरा खिला कहा, “जनता के साथ धोखा!”

“महंगी बिजली पर कांग्रेस का हल्ला बोल—ऊंट को जीरा खिला कहा, “जनता के साथ धोखा !”
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ योजना में कटौती को लेकर कांग्रेस का विरोध अब तेज और अनोखे रूप में सामने आ रहा है। मंगलवार को दुर्ग जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कार्यालय और कलेक्टर परिसर के बाहर एक ऊंट को जीरा खिलाकर सरकार के फैसले का प्रतीकात्मक विरोध किया। कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि मौजूदा सरकार द्वारा दी गई 200 यूनिट की बिजली राहत “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी है—यानि बेहद कम और जनता की जरूरतों के मुकाबले बिल्कुल नाकाफी।
400 यूनिट योजना बंद होने से नाराजगी, कांग्रेस ने कहा—“सरकार ने जनता पर बोझ डाला” !
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में लागू की गई 400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना ने राज्य के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत दी थी। इस योजना के तहत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सबसे अधिक फायदा मिला था, क्योंकि उनके मासिक बिल लगभग आधे हो जाते थे लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद, कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा बीजेपी सरकार ने बिना सोचे-समझे इस योजना को खत्म कर पहले इसे 100 यूनिट तक सीमित किया, जिससे उपभोक्ताओं के बिल अचानक बढ़ गए और आम जनता महंगाई की मार से परेशान हो गई।विरोध और जनदबाव बढ़ने के बाद सरकार ने अब इसे 200 यूनिट तक बढ़ाया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह राहत अभी भी “अपर्याप्त” है और यह सिर्फ दिखावे के लिए किया गया कदम है।
अनोखे प्रदर्शन में ऊंट का इस्तेमाल—कांग्रेस का सियासी संदेश साफ !
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता ऊंट के साथ जुलूस की तरह बिजली कार्यालय की ओर बढ़े। हाथों में बैनर, तख्तियां, नारे—और बीच में ऊंट को जीरा खिलाने का प्रतीकात्मक दृश्य… यह विरोध प्रदर्शन कई राहगीरों और कर्मचारियों का ध्यान खींचता रहा।
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि: !
400 यूनिट हाफ योजना खत्म कर सरकार ने जनता पर मंहगाई का डबल बोझ डाल दिया है।बिजली दरें बढ़ी हैं, जबकि राहत आधी कर दी गई है।कोयला, पानी, ऊर्जा संसाधन राज्य के पास हैं, फिर भी छत्तीसगढ़ में ही बिजली इतनी महंगी—“यह जनता के साथ अन्याय है।” राकेश ठाकुर ने कहा,“प्रदेश कोयले से समृद्ध है, पावर प्लांट हमारे हैं, पानी हमारा है… फिर भी जनता को महंगी बिजली? सरकार की नीति कहीं न कहीं उद्योगपतियों के हित में दिख रही है, न कि आम उपभोक्ता के।”
कांग्रेस ने दी चेतावनी—जरूरत हुई तो बड़ा आंदोलन !
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि यदि आने वाले समय में बिजली बिल हाफ योजना को फिर से 400 यूनिट तक बहाल नहीं किया गया, तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी।राकेश ठाकुर ने कहा कि बिजली आज हर घर की मूल आवश्यकता है “राहत देने की बजाय सरकार बोझ डाल रही है। 200 यूनिट की छूट जनता के काम नहीं आने वाली। इसे बढ़ाकर फिर से 400 यूनिट करना ही पड़ेगा।”उपभोक्ताओं में भी नाराजगी—राहत कम, बिल ज्यादा हाल के महीनों में बिजली बिल बढ़ने को लेकर कई जिलों से शिकायतें आ रही हैं। छोटे दुकानदारों, घरेलू उपभोक्ताओं और मध्यमवर्गीय परिवारों का कहना है कि योजना में कटौती के बाद उनके मासिक बिल 300 से 600 रुपये तक बढ़ गए हैं। कई परिवारों ने कहा कि 400 यूनिट की योजना उनके लिए “अच्छा संतुलन” थी, जिसे हटाना गलत है।दुर्ग में हुए प्रदर्शन ने इस नाराजगी को खुले तौर पर सामने रखा।
प्रदर्शन के राजनीतिक मायने !
राज्य में निकाय चुनाव, किसान आंदोलन और स्थानीय मुद्दों के बीच यह प्रदर्शन राजनीतिक संकेत भी देता है। कांग्रेस एक तरफ बिजली को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं बीजेपी सरकार के लिए यह दिखाना चुनौती बन गया है कि नई 200 यूनिट योजना जनता को कितनी राहत दे पाएगी।





